असामान्य मोलर द्रव्यमान क्या है?

ऐसे मोलर द्रव्यमान जो सामान्य मोलर द्रव्यमान की तुलना में अधिक या कम प्राप्त होते है उन्हें विलेय पदार्थ का असामान्य मोलर द्रव्यमान कहते है , यह विलेय पदार्थ के विलयन में संगुणन या आयनन के कारण होता है।

वांट हॉफ ने एक वांटहॉफ गुणांक का प्रतिपादन किया , इस गुणांक की सहायता से विलेय के संगुणन या आयनन की मात्रा को ज्ञात किया जा सकता है।

वांट हॉफ गुणांक को i द्वारा व्यक्त करते है।

i = प्रेक्षित अणु संख्यक गुण/सैधांतिक अणुसंख्यक गुण

यदि वांट हॉफ गुणांक (i) का मान 1 प्राप्त होता है तो मतलब विलेय का संगुणन या आयनन नहीं हुआ है।
जब वांट हॉफ (i) का मान एक से अधिक प्राप्त हुआ है तो विलेय का आयनन या वियोजन हुआ है।
जब वांटहॉफ (i) का मान एक से कम आता है तो इस स्थिति में विलेय का संगुणन हुआ है।
वांट हॉफ को सम्मिलित करने के बाद , अणु संख्यक गुणों के समीकरण द्वारा विलेय का सही मोलर द्रव्यमान ज्ञात किया जा सकता है।

वान्ट हाफ गुणांक सम्मिलित करने के बाद , अणु संख्यक गुण की समीकरण निम्न प्रकार प्राप्त होती है –

 
credit:Iwiz Education

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