एल्कोहल के भौतिक गुण

एल्कोहल के भौतिक गुण निम्न है :

गुण :

  1. कम कार्बन वाले अल्कोहल द्रव अवस्था में जबकि C12से अधिक कार्बन वाले एल्कोहल मोम के समान ठोस अवस्था में होते है।
  2. अणुभार बढ़ने के साथ साथ क्वथनांक बढ़ता जाता है क्योंकि कार्बन परमाणु की श्रृंखला बढ़ने पर वांडरवाल बल बढ़ते है।

CH3-OH < CH3-CH2-OH < CH3-CH2-CH2-OH < CH3-CH2-CH2-CH2-OH

3. एल्कोहल का क्वथनांक अपने समावयवी ईथर की तुलना में अधिक होता है क्योंकि अल्कोहल में अंतराअणुक हाइड्रोजन बंध के कारण संगुणन हो जाता है।

4. समावयवी अल्कोहल में वह एल्कोहल जो अधिक शाखित होता है।  उसका क्वथनांक उतना ही कम होता है।

इसके दो कारण है।

  • अधिक शाखित एल्कोहल गोलीय रूप ग्रहण कर लेता है , गोलीय रूप का पृष्ठीय क्षेत्रफल कम होता है जिससे वांडरवाल बल दुर्बल हो जाते है।
  • हाइड्रोजन बंध बनाने की क्षमता कम हो जाती है।
  1. एल्कोहल जल में विलेय होते है क्योंकि में जल के साथ हाइड्रोजन बंध बना लेते है।
  2. कार्बन की संख्या बढ़ने पर अर्थात जल विरोधी भाग बढ़ने पर जल के साथ हाइड्रोजन बंध बनाने की क्षमता कम हो जाती है अतः जल में विलेयता कम हो जाती है।

नोट : C2H5-OH  जल में विलेय है जबकि C6H5-OH जल में आंशिक विलेय होता है।

Leave a Comment

Your email address will not be published.