ऐनिलीन फ्रीडल क्राफ्ट अभिक्रिया

ऐनिलीन फ्रीडल क्राफ्ट अभिक्रिया: फ्रीडल क्राफ्ट अभिक्रिया लुइस अम्ल निर्जल AlCl3 की उपस्थिति में होती है , ऐनेलिन क्षारीय स्वाभाव का होने के कारण यह निर्जल  AlCl3  से क्रिया करके लवण का निर्माण कर लेता है।

C6H5-NH2 + AlCl3 → C6H5–+NH2 –AlCl3

इसमें –+NH2 समूह होने के कारण इससे बेंजीन वलय निष्क्रिय हो जाती है अतः ऐनेलिन फ्रीडल क्राफ्ट अभिक्रिया प्रदर्शित नहीं करता।

C6H5N2Cl बनाने की विधि :

जब ऐनिलीन की क्रिया NaNO2 व HCl या HNO2 व HCl के साथ 273 से 278 k ताप पर की जाती है तो बेंजीन डाई एजोनियम कोलराइड बनता है इसे डाई एजोकरण कहते है।

NaNO2 + HCl →  NaCl + HNO2

C6H5-NH2 + O=N-OH + HCl →  2H2O + C6H5-N2Cl

C6H5-NH2 + NaNO2 + 2HCl → NaCl + 2H2O + C6H5-N2Cl

रासायनिक गुण :

सैण्डमायर अभिक्रिया (SandMyear Reaction):

इस क्रिया में क्लोरो , ब्रोमो , सायनो बेंजीन बनती है।  इस क्रिया में उत्प्रेरक क्यूप्रस लवण काम में लेते है इसमें उत्पाद की अधिक मात्रा प्राप्त होती है।

C6H5-N2Cl →  N2 + C6H5-Cl

C6H5-N2Cl + HBr → HCl + N2 + C6H5-Br

C6H5-N2Cl + HCN →  HCl + N2 + C6H5-CN

2 . गाटरमान अभिक्रिया (Gutterman Reaction):

इस क्रिया से भी क्लोरो , ब्रोमो , सायनो बेंजीन बनती है। लेकिन उत्पाद की मात्रा कम बनती है , इसमें उत्प्रेरक ताम्ब्र चूर्ण काम में लेते है।

C6H5-N2Cl →  N2 + C6H5-Cl

C6H5-N2Cl + HBr → HCl + N2 + C6H5-Br

C6H5-N2Cl + HCN →  HCl + N2 + C6H5-CN

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