नेर्नस्ट समीकरण क्या हैं | एकल इलेक्ट्रोड ,सेल के लिए नेर्नस्ट समीकरण

नेर्नस्ट समीकरण क्या हैं – nernst samikaran in hindi:

सेल का विधुत वाहक बल आयनों की सान्द्रता पर निर्भर करता हैं। अतः विधुत वाहक बल व आयनों की सांद्रता के मध्य सम्बन्ध को जिस समीकरण से व्यक्त किया जाता है उसे नेर्नस्ट समीकरण कहते हैं।

एकल इलेक्ट्रोड के लिए या अर्द्ध सैल के लिए नेर्नस्ट समीकरण :

माना एक अर्द्ध सैल में निम्न क्रिया होती हैं।

 

Mn+  +  ne–   =  M(s)

अर्द्ध सैल का विभव निम्न सूत्र द्वारा ज्ञात किया जाता हैं।

E Mn+/M   = E0 Mn+/M  – (RT/nF) ln[M]/[Mn+]

चूँकि ठोस के लिए [M] = 1

अतः

E Mn+/M   = E0 Mn+/M  – (RT/nF) ln1/[Mn+]

या

E Mn+/M   = E0 Mn+/M  – 2.303(RT/nF) log 1/[Mn+]

चूँकि 25.c ताप पर

2.303(RT/nF) = 0.059   ( सभी स्थिरांको के मान रखकर )

E Mn+/M   = E0 Mn+/M  – (0.059/n) log 1/[Mn+]

उपरोक्त समीकरण को एकल इलेक्ट्रोड की नेर्नस्ट समीकरण कहते हैं।

प्रश्न 1 : निम्न समीकरण के लिए नेर्नस्ट समीकरण लिखो।

उत्तर : (1)Cu2+  +  2e–   = Cu

E Cu2+/Cu   = E0 Cu2+/Cu  – (0.059/n) log 1/[ Cu2+]

(2)      Ag+  + e–  =  Ag

E Ag+/Ag   = E0 Ag+/Ag  – (0.059/n) log 1/[ Ag+]

Or

E Ag+/Ag   = E0 Ag+/Ag  +  (0.059/n) log [ Ag+]

(3) Cu(s)   =  Cu2+  +  2e–

E Cu/Cu2+   = E0 Cu/Cu2+  – (0.059/n) log [ Cu2+]

किसी सेल के लिए नेर्नस्ट समीकरण :

इसे डेनियल सैल के उदाहरण द्वारा समझाया गया है।

डेनियल सैल का सैल आरेख

Zn(s) / Zn2+(aq) // Cu2+(aq) / Cu(s)

सेल अभिक्रिया

बायां इलेक्ट्रोड:Zn(s) → Zn2+    + 2e–ऑक्सीकरण
दायां इलेक्ट्रोड:Cu2+   + 2e–    → Cu(s)अपचयन

Zn(s)           +         Cu2+        →Zn2+         +Cu (s)

उपरोक्त सैल के लिए नेर्नस्ट समीकरण निम्न प्रकार से स्थापित की जाती हैं।

(1)   Zn2+    + 2e–  → Zn(s)

E Zn2+/Zn = E0 Zn2+/Zn  – (0.059/n) log 1/[ Zn2+]

(2)   Cu2+  +  2e–   = Cu

E Cu2+/Cu   = E0 Cu2+/Cu  – (0.059/n) log 1/[ Cu2+]

समीकरण 2  में  समीकरण 1  को घटाने पर

E Cu2+/Cu   –  E Zn2+/Zn     = E0 Cu2+/Cu  – E0 Zn2+/Zn  – (0.059/n) log 1/[ Cu2+] + (0.059/n) log 1/[ Zn2+]

चूँकि  Ecell = E Cu2+/Cu   –  E Zn2+/Zn

E0cell  = E0 Cu2+/Cu  – E0 Zn2+/Zn

अतः

Ecell = E0cell  – 0.59/n (log1/ Cu2+ – log 1/ Zn2+)

Ecell = E0cell  – 0.59/n (Cu2+/ Zn2+)

सैल अभिक्रया के लिए नेर्नस्ट समीकरण:

(1)   Ni + Cu2+  = Ni2+ + Cu

Ecell = E0cell  – 0.59/n (Ni2+/ Cu2+)

निम्न सैल आरेख के लिए नेर्नस्ट समीकरण लिखो।

Fe(s) / Fe2+(aq) // Ag+(aq) / Ag(s)

बायां इलेक्ट्रोड:Fe  → Fe2+    + 2e–ऑक्सीकरण
दायां इलेक्ट्रोड:2 Ag+   + 2e– → 2Agअपचयन

Fe           +         2 Ag+       →2 Ag          +  Fe2+

Ecell = E0cell  – 0.59/n ([Fe2+]/ [Ag+]2)

नेर्न्स्ट समीकरण से साम्य स्थिरांक:

 

नेर्न्स्ट समीकरण की सहायता से हम यहाँ साम्य स्थिरांक की गणना करेंगे।
 
माना किसी सेल की अभिक्रिया निम्न है –
aA + bB → cC + dD
 
सेल की निम्न अभिक्रिया के लिए नेर्न्स्ट समीकरण निम्न प्रकार लिखा जा सकता है –
Eसेल = E०सेल – (0.59/n){log([C]c[D]d)/([A]a[B]b)}
 
यह अभिक्रिया समय के साथ साथ साम्यावस्था की तरफ गति करती जाती है अर्थात समय के साथ अभिकारक की मात्रा कम होती जाती है तथा उत्पाद की मात्रा बढती जाती है , एक स्थिति ऐसी आती है जब यह अभिक्रिया साम्यावस्था में पहुच जाती है , जब यह अभिक्रिया साम्यावस्था प्राप्त कर लेती है उस स्थिति में सेल का विभव शून्य हो जाता है अर्थात साम्यावस्था में Eसेल = 0 हो जाता है।
 
माना [C]c[D]d)/([A]a[B]b = Kc है यहाँ Kc = साम्य स्थिरांक है।
 
दोनों मानो को नेर्न्स्ट समीकरण में रखने पर –
 
0 = E०सेल – (0.59/n){logKc}
E०सेल = (0.59/n){logKc}
logKc = nE०सेल/0.59
credit:Shiv Coaching Classes India

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