Bal Ka Matrak

बल का मात्रक – Bal Ka Matrak

Bal Ka Matrak:बल का मात्रक बताईये। परीक्षा के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण टॉपिक है. अक्सर इस विषय से सम्बंधित प्रश्न पूछे जाते है. अतः परीक्षार्थियों को बल कि परिभाषा, मात्रक, व सूत्र से जुड़े सभी सम्बंधित प्रश्नों का भलीभांति तैयार कर लेना चाहिए

Bal Ka Matrak

बल की सहायता से किसी वस्तु की स्थिति और दिशा में परिवर्तन होता हैं. बल एक प्रकार का धक्का या खिचाव हैं जो किसी स्थिर वस्तू को गतिशील बना देता हैं.

जब कोई वस्तु किसी सीधे पथ पर आगे बढ़ती हैं तो उसे रोकने के लिए गति की विपरीत दिशा में गतिशील वस्तु से अधिक बल लगाना पड़ता हैं. जिससे वह वस्तू फिर से स्थिर अवस्था में आ जाती हैं. जैसे कोई गाड़ी रोड पर 40 किमी/घंटा के हिसाब से भाग रही है. तो उस गाड़ी को रोकने के लिए गाड़ी के पहिये पर को 40 किमी/घंटा के हिसाब से चलाने वाले बल से अधिक बल का ब्रेक लगाना होता हैं. जिससे गाड़ी अपनी स्थिर अवस्था में आ जाती हैं।

बल एक सदिश राशि हैं. अर्थात बल किसी विशेष दिशा में एक मात्र में कार्य करता हैं. इसलिए बल की दिशा और द्रव्यमान दोनों होता हैं।

बल का मात्रक बताईये।

बल का SI मात्रक न्यूटन हैं. जिसे N मात्रा से अंकित करते हैं।

credit:Rajesh Sir Classes

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