ऐमीन के रासायनिक गुण

ऐमीन के रासायनिक गुण :

1. लवण बनाना :
ऐमीन क्षारीय प्रवृति के होने के कारण ये अम्लों से क्रिया करके लवण बना लेते है।
R-NH2 + H+Cl → R – +NH3Cl–
यदि लवण की क्रिया NaOH से कराये तो पुन: ऐमीन प्राप्त हो जाती है।
R-NH3Cl + NaOH → NaCl + H2O + R-NH2


2 . ऐल्किलन या एल्किलीकरण :
-H के स्थान पर एल्किल समूह आना ऐल्किलन कहलाता है यह क्रिया एल्किल हैलाइड के साथ की जाती है इस क्रिया में 20 , 30 व चतुष्क ऐमीन बनते है।

3.एसिटिलन या एसिटिलीकरण :
H के स्थान पर ऐसिटिल समूह आना एसिटिलन कहलाता है। एसिटिलन प्राय: एसिटिल क्लोराइड या एसिटिक एनहाइड्राइड से ही किया जाता है।
CH3-CO-Cl + H-NH-R → CH3-CO-NH-R + HCl

4.कार्बिल ऐमीन अभिक्रिया या आइसो सायनाइड परिक्षण :
जब 10 ऐमीन की क्रिया CHCl3 (क्लोरोफॉर्म ) CHI3 तथा KOH , NaOH से की जाती है तो दुर्गन्ध युक्त पदार्थ आइसो सायनाइड बनते है।
नोट : यह क्रिया 20 , 30प्रदर्शित नहीं करते।

5. हिन्सबर्ग अभिकर्मक से क्रिया :
C6H5-SO2-Cl को हिन्सबर्ग अभिकर्मक कहते है इसका रासायनिक नाम बेंजीन सल्फोनिल क्लोराइड है। यह 10 ,20 , 30 ऐमीन की पहचान में काम आता है।

  • 10 ऐमीन की हिन्सबर्ग अभिकर्मक से क्रिया करने पर बना पदार्थ NaOH में विलेय हो जाता है।
  • 20 ऐमीन की हिन्सबर्ग अभिकर्मक से क्रिया करने पर बना पदार्थ NaOH में अविलेय होता है।
  • 30 ऐमीन में सक्रीय H परमाणु नहीं होता अतः यह अभिकर्मक से क्रिया नहीं करता।

6.सोडियम नाइट्राइड व HCl से क्रिया :
एलीफैटिक ऐमीन इनसे क्रिया करके एल्कोहल बनाते है जबकि एरोमैटिक ऐमीन (ऐनिलीन) बेंजीन डाई ऐज़ोनियम क्लोराइड बनाता है।


नोट : यह क्रिया एलीफेटिक व एरोमैटिक ऐमीन में अंतर के काम आती है।

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