अभिक्रिया के वेग को प्रभावित करने वाले कारक

1.अभिकारक अणुओं की सान्द्रता का प्रभाव
निश्चित ताप पर अभिकारकों की सान्द्रता बढ़ाने से अभिक्रिया का वेग बढता है ,
क्योकि अभिकारक अणुओं की सान्द्रता बढ़ जाने से अणुओं के मध्य टक्करों (Collisions)की कुल संख्या बढ़ जाती है |

2.ताप का प्रभाव
अभिक्रिया का ताप बढ़ाने से अभिक्रिया का वेग बढ़ता है,
क्योकि ताप वृध्दि से प्रभावी टक्करों की संख्या बढ़ जाती है |

3.उत्प्रेरक का प्रभाव
उत्प्रेरक अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा (Ea)का मान (Lower )कर देता है जिससे सक्रिय अणुओं की संख्या बढ़ जाती है ,
अतः उत्प्रेरक की उपस्थिति में अभिक्रिया का वेग बढ़ जाता है |

4.अभिकारकों का पृष्ठ क्षेत्रफल
अभिकारक अणुओं का पृष्ठ क्षेत्रफल अधिक होने पर अभिक्रिया का वेग अधिक होता है |

5.प्रकाश का प्रभाव

जिनमे प्रकाश ऊर्जा का अवशोषण कर देहली ऊर्जा तल को प्राप्त करने की प्रवृत्ति होती है , उनका वेग प्रकाश की उपस्थिती मे बढ़ जाता है |

credit:Kmd Saharanpur

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