Gati Ka Pratham Niyam

गति का प्रथम नियम – Gati Ka Pratham Niyam

Gati Ka Pratham Niyam:गति का प्रथम नियम परीक्षा के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण टॉपिक है. अक्सर गति का प्रथम नियम से सम्बंधित प्रश्न जैसे कि गति का प्रथम नियम के प्रकार आदि  प्रैक्टिकल परीक्षा के दौरान प्रश्न पूछे जाते है. अतः परीक्षार्थियों को गति का प्रथम नियम से जुड़े सभी सम्बंधित प्रश्नों का भलीभांति तैयार कर लेना चाहिए

Gati Ka Pratham Niyam

 गति के नियम

गति के तीन नियम हैं।

  • गति का प्रथम नियम – जड़त्व का नियम
  • गति का द्वितीय नियम – संवेग का नियम
  • गति का तृतीय नियम – क्रिया-प्रतिक्रिया नियम

1. गति का प्रथम नियम (जड़त्व का नियम)

न्यूटन के गति के प्रथम नियम के अनुसार, यदि कोई वस्तु विरामावस्था में है तो वह विरामावस्था में ही रहेगी। वस्तु पर कोई बाह्य बल लगाकर ही वस्तु को विरामावस्था से गति की अवस्था में परिवर्तित किया जा सकता है। एवं यदि कोई वस्तु गतिशील अवस्था में है तो वह एक समान चाल से सरल रेखा में चलती ही रहेगी। जब तक उस वस्तु पर बाह्य बल न लगाया जाए। इसे गति का प्रथम नियम कहते हैं। इसे जड़त्व का नियम भी कहा जाता है।

उदाहरण

(1) चलती रेलगाड़ी से अचानक उतर जाने पर व्यक्ति आगे की ओर गिर जाते हैं।

(2) खिड़की के शीशे पर बंदूक से गोली मारने पर शीशे में छेद हो जाता है

credit:ashish singh lectures

आर्टिकल में आपने गति का प्रथम नियम  को पढ़ा। हमे उम्मीद है कि ऊपर दी गयी जानकारी आपको आवश्य पसंद आई होगी। इसी तरह की जानकारी अपने दोस्तों के साथ ज़रूर शेयर करे ।

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