Gaus Ka Niyam

गाउस का नियम – Gaus Ka Niyam

Gaus Ka Niyam:गाउस का नियम परीक्षा के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण टॉपिक है. अक्सर गाउस के नियम से सम्बंधित प्रश्न जैसे कि गाउस के नियम के सीमाएं, उपयोग आदि  प्रैक्टिकल परीक्षा के दौरान प्रश्न पूछे जाते है. अतः परीक्षार्थियों को गाउस के नियम से जुड़े सभी सम्बंधित प्रश्नों का भलीभांति तैयार कर लेना चाहिए.

Gaus Ka Niyam

भौतिकी में गाउस का नियम (Gauss’s Law) वह नियम है जो विद्युत आवेश के वितरण एवं उनके कारण उत्पन्न विद्युत क्षेत्र में संबंध स्थापित करता है। इस नियम के अनुसार, इस नियम का प्रतिपादन सन् 1835 में कार्ल फ्रेडरिक गाउस (Carl Friedrich Gauss) ने किया था किन्तु इसका प्रकाशन सन् 1837 तक नहीं कर सके। यह नियम मैक्सवेल के चार समीकरणों में से एक है। गाउस का नियम, कूलाम्ब के नियम से निष्पादित (Derive) किया जा सकता है।

  • गाउस  की प्रमेय इस तथ्य पर आधारित है कि बिंदु आवेश के कारण विद्युत क्षेत्र की तीव्रता दूरी के वर्ग के व्युत्क्रानुपाती होती है।
  • गाउस  की प्रमेय का उपयोग मुख्यतः सममित आवेश वितरण के कारण विद्युत क्षेत्र की तीव्रता ज्ञात करने के लिए किया जाता है।
  • गाउसियन पृष्ठ इस प्रकार लेना चाहिए कि इस पर कोई आवेश नहीं हो। गाउस  की प्रमेय अनुसार बिंदु धनावेश q से चारों ओर निकलने वाली कुल विद्युत क्षेत्र रेखाओं की संख्या q/ε₀ होती है।
  • गाउस  की प्रमेय गुरुत्वीय क्षेत्र के लिए भी लागू होती है।

गाउस के नियम से सम्बंधित महत्वपूर्ण बिंदु :-

गाउसीय पृष्ठ से गुजरने वाला फ्लक्स इसकी आकृति पर निर्भर नहीं करता है।

गाउस का नियम प्रत्येक बंद पृष्ठ के लिए लागू होता है।

गाउसीय पृष्ठ से गुजरने वाला फ्लक्स गाउसीय पृष्ठ के अंदर आवेश की स्थिति पर निर्भर नहीं करता है।

गाउसीय पृष्ठ से गुजरने वाला फ्लक्स केवल पृष्ठ के अन्दर कुल आवेश पर निर्भर करता है।

किसी बंद पृष्ठ में आने वाले फ्लक्स को ऋणात्मक और बाहर जाने वाले फ्लक्स को धनात्मक माना जाता है क्योंकि n को बाहर की दिशा में धनात्मक लिया जाता है।

गाउसीय पृष्ठ पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता गाउसीय पृष्ठ के अंदर और बाहर उपस्थित सभी आवेशों के कारण होती है।

किसी गाउसीय पृष्ठ में Φ = 0 का अर्थ यह नहीं है कि प्रत्येक बिंदु पर E = 0 है लेकिन प्रत्येक बिंदु पर E = 0 का अर्थ Φ = 0 होता है।

यदि समान या असमान विद्युत क्षेत्र में कोई पृष्ठ विभव स्थित है तथा पृष्ठ के अंदर कोई आवेश नहीं है तो पृष्ठ का कुल फ्लक्स शून्य होगा।

यदि बंद पृष्ठ में कोई विद्युत द्विध्रुव उपस्थित है तो कुल आवेश शून्य होने के कारण कुल फ्लक्स भी शून्य होगा।

गौस का नियम सिद्ध कीजिए

गाउस के नियम का कथन एवं विवरण

गाउस का नियम निम्न प्रकार से लिखा जाता है –

किसी बंद काल्पनिक पृष्ठ या गाउसीय पृष्ठ से गुजरने वाले विद्युत क्षेत्र की तीव्रता का पृष्ठीय समाकलन , निर्वात में उस बंद  पृष्ठ से परिबद्ध आवेश का 1/ε0 गुना होता है। यहाँ पर ε0 मुक्त आकाश (निर्वात) की विद्युतशीलता है।

यदि S गाउसीय पृष्ठ है और Σq , गाउसीय पृष्ठ के अन्दर कुल आवेश है तो गाउस के नियम के अनुसार –

Φ = ∮ E.dS = Σq/ε0

समाकलन चिन्ह यह व्यक्त करता है कि सम्पूर्ण बंद पृष्ठ का समाकलन किया गया है।

गौस के नियम से अनंत रेखीय आवेश के कारण विद्युत क्षेत्र की तीव्रता :- माना A’B’ एक अपरिमित रेखीय आवेश घनत्व है

credit:ashish singh lectures

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