Gunit Anupat Ka Niyam

गुणित अनुपात का नियम क्या है? – Gunit Anupat Ka Niyam

Gunit Anupat Ka Niyam:गुणित अनुपात का नियम परीक्षा के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण टॉपिक है. अक्सर गुणित अनुपात का नियम से सम्बंधित प्रश्न जैसे कि गुणित अनुपात का नियम के प्रकार आदि  प्रैक्टिकल परीक्षा के दौरान प्रश्न पूछे जाते है. अतः परीक्षार्थियों को गुणित अनुपात का नियम से जुड़े सभी सम्बंधित प्रश्नों का भलीभांति तैयार कर लेना चाहिए.

Gunit Anupat Ka Niyam

गुणित अनुपात का नियम का प्रतिपादन डाल्टन ने किया, इस नियम के अनुसार जब दो विभिन्न तत्व  संयोग कर दो या दो से अधिक का निर्माण करते हैं, तो एक तत्व का भिन्न – भिन्न भार जो दूसरे तत्व के एक निश्चित भार से संयोग करते हैं

इस नियम के अनुसार, “जब दो तत्त्वे परस्पर संयोग करके एक से अधिक यौगिक बनाते हैं, तब उनमें एक तत्त्व के विभिन्न भार जो दूसरे तत्त्व के एक निश्चित भार से संयोग करते हैं परस्पर सरल अनुपात में होते हैं।

उदाहरणार्थ-सल्फर, ऑक्सीजन के साथ संयोग करके दो यौगिक सल्फर डाइऑक्साइड और सल्फर ट्राइऑक्साइड बनाता है। सल्फर डाइऑक्साइड में सल्फर के 32 भाग, ऑक्सीजन के 32 भागों (भारानुसार) से संयोग करते हैं जबकि सल्फर ट्राइऑक्साइड में सल्फर के 32 भाग ऑक्सीजन के 48 भागों (भारानुसार) से संयोग करते हैं। ऑक्सीजन के विभिन्न भारों, जो सल्फर के निश्चित भार (32 भाग) से संयोग करते हैं, का अनुपात 32:48 अथवा 2:3 हैं जो कि एक सरल अनुपात हैं।

उदाहरण- नाइट्रोजन और ऑक्सीजन आपस में संयोग कर निम्न ऑक्साइड का निर्माण करते हैं

• NO – नाइट्रिक ऑक्साइड

• N2O5 – नाइट्रोजन पेंटाऑक्साइड

• N2O4 – नाइट्रोजन टेट्राऑक्साइड

• N2O3 – नाइट्रोजन ट्राइऑक्साइड

• N2O – नाइट्रोजन ऑक्साइड (हँसी आने वाली गैस)

credit:vikram singh

आर्टिकल में आपने गुणित अनुपात का नियम  को पढ़ा। हमे उम्मीद है कि ऊपर दी गयी जानकारी आपको आवश्य पसंद आई होगी। इसी तरह की जानकारी अपने दोस्तों के साथ ज़रूर शेयर करे ।

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