Kol Raus Ka Niyam

कॉलराउश का नियम – Kol Raus Ka Niyam

Kol Raus Ka Niyam:कोलराउश के नियम परीक्षा के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण टॉपिक है. अक्सर कोलराउश के नियम से सम्बंधित प्रश्न जैसे कि कोलराउश के नियम के प्रकार आदि  प्रैक्टिकल परीक्षा के दौरान प्रश्न पूछे जाते है. अतः परीक्षार्थियों को कोलराउश के नियम से जुड़े सभी सम्बंधित प्रश्नों का भलीभांति तैयार कर लेना चाहिए.

Kol Raus Ka Niyam

कोलराउश के नियम की मदद से द्रुतबल अपघट्य की तनुता पर मोलर चालकता का लाभ उठा सकता है। जैसे- CH 3 COOH के लिए Δ∞ m का निम्न प्रकार से प्राप्त किया जा सकता है – कोलराउश के नियम के अनुसार, + CH 3 सीओओ – उपयुक्त के लिए उपयुक्त तनुता पर सही करने के लिए उपयुक्त है। सीएच 3 सीओओएच के लिए m का मान ज्ञात करने में मदद करें। यदि आयनिक चालकताएँ ज्ञात नहीं हैं तो निम्न परोक्ष विधि का प्रयोग किया जाता हैपरोक्ष विधि में तीन (या अधिक) ऐसे प्रबल विद्युत अपघट्यों का चुनाव किया जाता है जिनके Δ∞ मीटर के मानों के योग / अन्तर से विचाराधीन दुर्बल विद्युत अपघट्य के Δ∞ मीटर जैसे- CH 3 COOH के m के मान को HCl, CH 3 COOH और NaCl का चुनाव किया गया है और mके कोटा बहिर्वेशन विधि द्वारा पता लगाया गया है

कॉलराउश का नियम :– अनन्त तनुता पर , किसी विद्युत अपघट्य की मोलर चालकता का मान उस विद्युत अपघट्य के धनायन तथा ऋणायन की मोलर आयनिक चालकता या अलग अलग मोलर चालकता के योग के बराबर होती है , यही कोलराउस का नियम है।

मोलर चालकता में कुछ योगदान धनायन प्रदान करता है तथा कुछ मोलर चालकता ऋणायन द्वारा प्रदान की जाती है इस प्रकार विद्युत अपघट्य विलयन की कुल मोलर चालकता का मान दोनों के योगदान के योग के बराबर होती है।

उदाहरण :

(1)  NaCl  ⇌ Na+  + Cl–

λm0 (NaCl) = λNa+0  + λCl-0

(2)  KCl  ⇌ K+  +  Cl–

λm0 (KCl) = λK+0  + λCl-0

(3)  CaCl2  ⇌ Ca2+  + 2Cl–

λm0 (CaCl2) = λCa2+0  + 2λCl2-0

(4)  H2SO4  ⇌ 2H+  + SO42-

λm0 (H2SO4) = 2 λH+0  + λSO4(2-)0

कोलराउश नियम के अनुप्रयोग  :-

1.अनंत तनुता पर दुर्बल विद्युत अपघट्य की मोलर चालकता का मान ज्ञात करना।

कोलराउस नियम की सहायता से दुर्बल विद्युत अपघट्य जैसे CH3COOH की अनंत तनुता पर मोलर चालकता निम्न प्रकार से ज्ञात करते है।

अनंत तनुता पर CH3COOH निम्न प्रकार से आयनित होता है।

CH3-COOH  ⇌  CH3COO–  + H+

कोलराउस नियम से

λm0 (CH3COOH) = λ CH3COO-0  + λ H+0   ………..समीकरण 1

CH3COONa , HCl , NaCl प्रबल विधुत अपघट्यो की अनंत तनुता की मोलर चालकता की सहायता से CH3COOH  की सीमांत मोलर चालकता ज्ञात की जा सकती है।

CH3COONa  ⇌ CH3COO– + Na+

λm0 (CH3COONa) = λ CH3COO-0  + λ Na+0 ………..समीकरण 2

HCl  ⇌ H+ + Cl–

λm0 (HCl) = λ H+0  + λ Cl-0     ………..समीकरण 3

NaCl  ⇌ Na+  + Cl–

λm0(NaCl) = λ Na+0  + λ Cl-0         ………..समीकरण 4

समीकरण 2 व 3 को जोड़कर  समीकरण 4 घटाने पर

λm0 (CH3COONa) + λm0 (HCl) – λm0(NaCl)

= λ CH3COO-0  + λ H+0

अर्थात  हमें λm0 (CH3COOH) प्राप्त  होता है।

अतः

λm0(CH3COOH)  = λm0 (CH3COONa) + λm0 (HCl) – λm0(NaCl)

इसी प्रकार के NH4OH लिए

λm0 (NH4OH)  =  λm0 (NH4Cl) + λm0 (NaOH) – λm0 (NaCl)

इसी प्रकार के H2O लिए

λm0 (H2O)  =  λm0 (HCl) + λm0 (NaOH) – λm0 (NaCl)

credit:Pankaj study centre

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