Kulam Ka Niyam

कूलाम का नियम – Kulam Ka Niyam

Kulam Ka Niyam:कुलाम का नियम परीक्षा के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण टॉपिक है. अक्सर कुलाम के नियम से सम्बंधित प्रश्न जैसे कि कुलाम के नियम के सीमाएं, उपयोग आदि  प्रैक्टिकल परीक्षा के दौरान प्रश्न पूछे जाते है. अतः परीक्षार्थियों को कुलाम के नियम से जुड़े सभी सम्बंधित प्रश्नों का भलीभांति तैयार कर लेना चाहिए.

Kulam Ka Niyam

कूलाम ने दो स्थिर बिंदु आवेशों के बीच कार्य करने वाले बल के रूप में एक नियम प्रतिपादित किया जिसे कूलॉम का नियम (Coulomb’s Law In Hindi) कहते हैं।

इस नियम के अनुसार, दो स्थिर बिंदु आवेशो के बीच कार्य करने वाला आकर्षण अथवा प्रतिकर्षण का बल दो आवेशो के परिमाणो के गुणनफल के समानुपाती तथा उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। यह बल बल आवेशो को मिलाने वाली रेखा के अनुदिश कार्य करता है। इले कूलाम का व्युत्कर्म वर्ग का नियम भी कहते हैं।

कूलाम के नियम की परिभाषा :-

दो बिन्दुवत एवं स्थिर आवेशो के मध्य स्थिर वैधुत बल का परिमाण आवेशो के परिमाण के गुणफल के समानुपाती एवं उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।

विद्युत बल :-

दो समान प्रकृति के आवेश एक दूसरे को प्रतिकर्षित तथा विपरीत प्रकृति के आवेश एक दुसरे को आकर्षित करते हैं। इस प्रकार दो आवेशित चालकों के बीच एक बल कार्य करता है। इसे विद्युत बल कहते हैं। आवेशो के बीच कार्य करने वाला यह बल माध्यम एवं निर्वात् दोनों में कार्य करता है।

कूलॉम के नियम की सीमाएँ

कूलॉम का नियम point charge के लिए है

static electricity में स्थिर आवेशों के लिए कूलॉम का नियम है

कूलॉम का नियम के लिए आवेशों के बीच की दूरी 10-15 m से ज्यादा होनी चाहिए

Electromagnetic Waves in हिंदी

कूलाम का नियम का महत्व

भौतिक विज्ञान की दुनिया में कूलाम का नियम का बहुत महत्त्व होता है क्योंकि इसकी सहायता से –

1 . किसी परमाणु के नाभिक और उसके चारों और घुमने वाले इलेक्ट्रान के बिच लगने वाले बल की  कूलाम का नियम की सहायता से व्याख्या की जा सकती है |

2 . परमाणुओं के बिच बंधन बलों की व्याख्या भी इस नियम की सहायता से की जा सकती है |

आदि इसके महत्त्व होते है था अब हम इसके उपयोग को समझेंगे |

कूलाम का नियम के उपयोग

अगर हम कूलाम के नियम के उपयोग की बात करे तो इसके कुछ महत्वपूर्ण उपयोग इस प्रकार होते हैं –

1 . इसका उपयोग करके किन्ही दो बिंदु आवेशो के बीच लगने वाले आकर्षण या प्रतिकर्षण बल का मान तथा उनके बीच की दूरी का मान ज्ञात किया जा सकता है |

2 . इसका उपयोग करके इलेक्ट्रिक फील्ड की गणना भी की जा सकती है |

3 . इस नियम का उपयोग Superposition Theorem के लिए भी किया जाता है जिसमे किसी एक स्थान पर उपस्थित बिंदु आवेश पर अन्य बहुत सारे आवेशो के कारण लगने वाले बल की गणना की जा सकती है

credit:Pankaj study centre

आर्टिकल में आपने कुलाम के नियम  को पढ़ा। हमे उम्मीद है कि ऊपर दी गयी जानकारी आपको आवश्य पसंद आई होगी। इसी तरह की जानकारी अपने दोस्तों के साथ ज़रूर शेयर करे ।

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