Matrak Physics

मात्रक physics – Matrak Physics

Matrak Physics:मात्रक किसे कहते हैं? परीक्षा के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण टॉपिक है. अक्सर इस विषय से सम्बंधित प्रश्न पूछे जाते है. अतः परीक्षार्थियों को मात्रक से सम्बंधित प्रश्नों का भलीभांति तैयार कर लेना चाहिए।

Matrak Physics

“भौतिक राशि के मापन के लिए नियत किये गए मान को मात्रक कहते है।”

किसी वस्तु या पिण्ड के मानक मापन की इकाई को मात्रक कहाँ हैं।

मूल मात्रक, मात्रकों में वे मात्रक हैं जो अन्य मात्रकों से स्वतंत्र होते हैं अर्थात उनको एक-दूसरे से अथवा आपस में बदला नहीं जा सकता हैं।

उदाहरण: लम्बाई, समय और द्रव्यमान के लिए क्रमशः मीटर, सेकण्ड और किलोग्राम का प्रयोग किया जाता हैं।

मात्रक पद्धतियां (System of Unit)

भौतिक राशियां के मूल मात्रकों के आधार पर निम्नलिखित पद्धतियां प्रचलित हैं।

(i) C.G.S. (सेन्टीमीटर- ग्राम – सेकण्ड) पद्धति या गॉसिय पद्धति

इस पद्धति में द्रव्यमान, लंबाई, समय को क्रमश ग्राम, सेंटीमीटर, सेकण्ड में नापा जाता है।

(ii) M.K.S. (मीटर – किलोग्राम – सेकण्ड) पद्धति या जार्जी पद्धति

इस पद्धति में द्रव्यमान, लंबाई, समय को क्रमश किलोग्राम, मीटर, सेकण्ड में नापा जाता है।

(iii) F.P.S. (फुट – पाउंड – सेकण्ड)

इस पद्धति में द्रव्यमान, लंबाई, समय की इकाई क्रमश पाउंड, फुट, सेकण्ड होता है।

(iv) International System of Units (S.I) (अन्तर्राष्ट्रीय पद्धति)

यह पद्धति 1960 में अन्तर्राष्ट्रीय माप तौल समिति द्वारा लागू की गई। यह पद्धति M.K.S. का परिवर्तित रूप है।

credit:Crazy GkTrick

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