मोल अंश | मोल प्रभाज | मोल भिन्न | की परिभाषा

मोल अंश | मोल प्रभाज | मोल भिन्न की परिभाषा क्या है:

मोल अंश या मोल प्रभाज या मोल भिन्न तीनो एक ही है जिन्हें निम्न प्रकार परिभाषित किया जाता है

विलयन में किसी घटक के मोलो की संख्या तथा विलयन में  उपस्थित कुल मोलो की संख्या के अनुपात को उस घटक के मोल अंश या मोल भिन्न या मोल प्रभाज कहते है। 

इसे X द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।

माना किसी मिश्रण में एक पदार्थ के मोल A है तथा इस मिश्रण में कुल मोल T है तो परिभाषा के अनुसार मोल अंश को निम्न प्रकार प्रदर्शित किया जाता है –
X = A/T

कभी कभी मिश्रण या विलयन के कुल मोल ज्ञात करने के लिए सभी अलग अलग पदार्थों के मोल का योग किया जाता है जिससे मिलकर वह मिश्रण बना हुआ है।

विलेय का मोल अंश = विलेय के मोल/विलयन का कुल मोल

विलायक का मोल अंश = विलायक के मोल/विलयन के कुल मोल

यहाँ याद रखे की विलयन के कुल मोल का मान विलेय तथा विलायक के मोलों का योग करके प्राप्त होती है।

विलेय के मोल अंश + विलायक के मोल अंश = 1

किसी विलयन का मिश्रण में उपस्थित सभी पदार्थों के मोल अंश का योग का मान 1 के बराबर होता है।

 

माना एक विलयन में दो घटक A तथा B उपस्थित है , इसके मोलो की संख्या क्रमशः nव nहै। तथा मोल अंश क्रमशः  xaव xहै।

 

घटक A के मोल अंश  x=   nna + nb

घटक B के मोल अंश xb =   nb na + nb

जहा      xa + x= 1

 

उदाहरण के लिए: 

–>CCl4 के 3.47 मोल , बेंजीन के 8.54 मोल में घुले हुए है तो CCl4 का मोल अंश क्या होगा ? ज्ञात कीजिये।

विलयन के कुल मोल = CCl4 के मोल + बेंजीन के मोल
विलयन के कुल मोल = 3.47 + 8.54  = 12.01
CCl4 का मोल अंश = CCl4 के मोल/विलयन के कुल मोल
मोल अंश = 3.47/12.01
CCl4 का मोल अंश = 0.2889

मोल प्रतिशत (mole percent) क्या है – mol pratishtha ki paribhasha in hindi :

जब किसी पदार्थ के मोल अंश के मान को 100 से गुणा कर दिया जाए तो उस पदार्थ का मोल प्रतिशत प्राप्त होता है।

मोल प्रतिशत = मोल अंश x 100

चूँकि मोल अंश = पदार्थ के मोल/विलयन के कुल मोल

अत:
मोल प्रतिशत = (पदार्थ के मोल/विलयन के कुल मोल) x 100

credit:Atul Study Center

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