Pratirodh Ka Matrak

प्रतिरोध का मात्रक – Pratirodh Ka Matrak

Pratirodh Ka Matrak:प्रतिरोध का मात्रक बताईये। परीक्षा के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण टॉपिक है. अक्सर इस विषय से सम्बंधित प्रश्न पूछे जाते है. अतः परीक्षार्थियों को प्रतिरोध कि परिभाषा, मात्रक, व सूत्र से जुड़े सभी सम्बंधित प्रश्नों का भलीभांति तैयार कर लेना चाहिए

Pratirodh Ka Matrak

किसी चालक का वह गुणधर्म जो चालक में विद्युत धारा प्रवाह का अवरोध करता है विद्युत प्रतिरोध कहलाता है।

इसे R से प्रदर्शित करते हैं।

किसी चालक पर आरोपित विभवांतर और उस में प्रवाहित है विद्युत धारा के अनुपात को चालक का प्रतिरोध कहते हैं। 

अर्थात,

R=V/I

R – वस्तु का प्रतिरोध है, जो ओह्म में मापा गया हैं।

V – वस्तु के आर-पार का विभवांतर हैं। जो वोल्ट में मापा गया।

I – वस्तु से होकर जाने वाली विद्युत धारा हैं। जिसे एम्पीय़र में मापा गया हैं।

प्रतिरोध का मात्रक  बताईये।

प्रतिरोध का SI मात्रक ओम (ohm) होता है जिसे ग्रीक भाषा के बड़े अक्षर (Ω) के द्वारा दर्शाया जाता है।

ओम का नाम जर्मन भौतिक विज्ञानी जॉर्ज साइमन ओम (1784-1854) के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने वोल्टेज, करंट और प्रतिरोधक के बीच संबंधों का अध्ययन किया था। “जॉर्ज साइमन” को ओम का नियम बनाने का श्रेय दिया जाता है।

प्रतिरोध का विमीय सूत्र

प्रतिरोध का विमीय सूत्र [ML²T⁻³A⁻²] है।

credit:Doubtnut

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