Urja Ka Matrak

ऊर्जा का मात्रक – Urja Ka Matrak

Urja Ka Matrak:ऊर्जा का मात्रक बताईये। परीक्षा के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण टॉपिक है. अक्सर इस विषय से सम्बंधित प्रश्न पूछे जाते है. अतः परीक्षार्थियों को ऊर्जा कि परिभाषा, मात्रक, व सूत्र से जुड़े सभी सम्बंधित प्रश्नों का भलीभांति तैयार कर लेना चाहिए

Urja Ka Matrak

किसी वस्तु में कार्य करने की क्षमता को उस वस्तु की ऊर्जा कहते हैं। ऊर्जा एक अदिश राशि है। इसका मात्रक जूल है। वस्तु मे जिस कारण से कार्य करने की क्षमता आ जाती है, उसे ऊर्जा कहते हैं। ऊर्जा दो प्रकार की होती है- गतिज ऊर्जा एवं स्थितिज ऊर्जा।

“किसी वस्तु की कार्य करने की क्षमता को ही उसकी ऊर्जा कहते हैं।”

उदाहरण – बंदूक से छोड़ी गयी गोली लक्ष्य से टकराकर विस्थापन उत्पन करती है।

ऊर्जा का मात्रक बताईये।

SI पद्धति में ऊर्जा का मात्रक जूल होता है।

ऊर्जा का मापन ‘जूल’ में किया जाता है अर्थात उर्जा का मात्रक जूल होता है।  ऊर्जा के मापन में जूल शब्द महान भौतिकविद जेम्स प्रेस्कॉट जौले (James Prescott Joule) के नाम पर दिया गया था जिन्होंने इस क्षेत्र में काफी योगदान दिया था।

credit:Doubtnut

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